

जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास करें
बीकानेर। अपनी जन्म भूमि देशनोक में चातुर्मास कर रहे अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य रामलाल जी म.सा. ने गुरुवार को प्रवचन में कहा कि जो जन्मा है उसकी मृत्यु निश्चित है। जीवन को धर्म, ध्यान, आत्म परमात्म चिंतन और पुण्यकार्यों से सार्थक बनाएं। वरिष्ठ श्रावक मोती लाल भूरा ने सुन्दरलाल दुग्गड़ के निधन से संघ व समाज को अपूर्णीय क्षति हुई है। प्रवचन स्थल पर मुनि, साध्वीवृंद, श्रावक-श्राविकाओं का हजूम जमा था।
