

आचार्य भिक्षु के सिद्धांत आज भी अकाट्य
बीकानेर। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में भिक्षु दर्शन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन तेरापंथ युवक परिषद के द्वारा मुनि कमल कुमार के पावन सानिध्य में किया गया। जिसमें मुनिश्री ने नमस्कार महामंत्र आदि अनेक पदों का उच्चारण किया तत्पश्चात परिषद के सदस्यों ने विजय जीत का संगान किया। पूर्व अध्यक्ष अरुण नाहटा ने श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। परिषद के अध्यक्ष ललित राखेचा के प्राग् वक्तव्य के पश्चात मुनि श्री कमल कुमार जी ने अपने विचार प्रकट करते हुए फरमाया कि आचार्य भिक्षु ने लौकिक प्रवृत्ति को नितांत सांसारिक बताया परंतु गृहस्थावस्था में रहने वालों को उन प्रवृत्तियों को अपनाना पड़ता है।
मंत्री मांगीलाल बोथरा ने बताया कि मुनि श्री की प्रेरणा से कार्यशाला में तेयुप परामर्शकगण, पदाधिकारी, युवा और किशोर साथी, तेरापंथी सभा,आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान, महिला मंडल, अणुव्रत समिति ,तेरापंथ कन्या मंडल के पदाधिकारी और सदस्यों के साथ श्रावक श्राविका समाज की अच्छी उपस्थिति रही।
