

श्राविकाओं की सात दिवसीय ‘अब नहीं तो फिर कब’ कार्यशाला शुरू
बीकानेर। अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के हुक्म संघ के नवम पट्टधर आचार्य प्रवर 1008 रामलालजी म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के चातुर्मास के तहत महिला मंडल के तत्वावधान में श्राविकाओं की सात दिवसीय ‘अब नहीं तो फिर कब’ कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला नियमित मुनि एवं साध्वी वृंद के सानिध्य में आयोजित की जाएगी। ललिता बांठिया ने बताया कि कार्यशाला के प्रथम दिन ‘ऐसी वाणी बोलिए’ तथा जैन साधु-साध्वियों को गोचरी बहराने (आहार प्रदान करने) के विषय पर व्याख्यान हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य श्राविकाओं को जैन धर्म के सिद्धांतों, आचार-विचार एवं साधु-साध्वी जीवन से जुड़े व्यवहारिक पक्षों के प्रति जागरूक करना है।
