

आचार्य भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष का शुभारंभ
बीकानेर। आचार्य भिक्षु जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के त्रिदिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ भवन में कमलकुमार के पावन सानिध्य में हुआ। मुनिश्री ने कहा कि तेरापंथ तब से अब यह विषय जन जन के लिए चिन्तनीय मननीय और स्मरणीय है। जब तेरापंथ का शुभारंभ हुआ उस समय स्थान, आहार, पानी, वस्त्र, औषध की उपलब्धि बड़ी ही कठिन थी। प्रथम चातुर्मास और अन्तिम चतुर्मास तक भिक्षु स्वामी को स्थान आहार आदि की उपलब्धि का अभाव सा रहा इसीलिए प्रथम चतुर्मास में संतों की संख्या भी मात्र पांच ही थी और अंतिम चतुर्मास में सात संत ही थे अन्य साधु साध्वी अन्यत्र चतुर्मासों के लिए पधारे।
