

बैंक हड़ताल से व्यापार एवं बैंकिंग व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका, जिला उद्योग संघ ने उच्चस्तरीय वार्ता की मांग की
बीकानेर। 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय बैंक हड़ताल को लेकर जिला उद्योग संघ ने चिंता व्यक्त की है। जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया, अरुण कुमार झंवर, अशोक सुराणा, नरेश मित्तल, श्यामसुंदर सोनी एवं वीरेंद्र किराडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा बीकानेर जिले के सभी विधायकों को पत्र भेजकर बैंक कर्मचारी संगठनों एवं बैंक प्रबंधन के बीच तत्काल उच्चस्तरीय वार्ता करवाकर मांगों का समाधान निकालने का आग्रह किया है। संघ पदाधिकारियों ने पत्र में कहा कि देश में प्रतिदिन करोड़ों वित्तीय लेन-देन बैंकों एवं उनसे जुड़ी भुगतान प्रणालियों के माध्यम से होते हैं। ऐसे में तीन दिवसीय बैंक हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों, सरकारी लेन-देन तथा अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित हड़ताल की अवधि 30 सितंबर के अर्धवार्षिक बैंक समापन के समय के साथ पड़ रही है, जिससे इसका प्रभाव और व्यापक हो सकता है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी संगठनों की मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, ताकि देश की बैंकिंग व्यवस्था एवं व्यापारिक गतिविधियां बाधित न हों। जिला उद्योग संघ ने सरकार से आग्रह किया कि उद्यमियों, व्यापारियों एवं आम नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय रहते प्रभावी पहल की जाए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था सुचारू रहना देश के आर्थिक चक्र के लिए महत्वपूर्ण है। बैंक हड़ताल के कारण व्यापारियों और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा आर्थिक गतिविधियां निरंतर चलती रहें, इसके लिए सरकार, बैंक प्रबंधन एवं कर्मचारी संगठनों के बीच शीघ्र संवाद स्थापित कर समाधान निकालना आवश्यक है।
