

मरणोपरांत नेत्रदान कर विमला मेहरा ने दिया मानवता का संदेश, दो लोगों को मिल सकती है नई रोशनी
बीकानेर। जीवन के बाद भी दूसरों के जीवन में उजाला लाने की भावना को साकार करते हुए विमला मेहरा का मरणोपरांत नेत्रदान किया गया। सिद्धार्थ मेहरा की धर्मपत्नी विमला मेहरा के निधन के बाद उनकी इच्छा एवं संकल्प का सम्मान करते हुए परिजनों ने पीबीएम अस्पताल में नेत्रदान करवाया। डॉ. सीताराम गोठवाल ने बताया कि विमला मेहरा के निधन के बाद परिवार ने उनके नेत्रदान के संकल्प को पूरा करने का निर्णय लिया। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के विज्ञान विभाग से संबद्ध पटेल नेत्र कोष के स्वीकृति पत्र पर उनकी पुत्री डॉ. मनीषा मेहरा ने अपनी माता के नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। परिजनों के इस निर्णय से जरूरतमंद नेत्रहीन लोगों के जीवन में दृष्टि की नई उम्मीद जगी है। विमला मेहरा का यह नेत्रदान समाज को मानवता, सेवा और परोपकार की प्रेरणा देने वाला कदम है।
