

गुहा की पुस्तक पर समीक्षा चर्चा आयोजित
बीकानेर। अजित फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम में प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा की पुस्तक ‘आखिरी उदारवादी और अन्य आलेख’ पर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कवि एवं विचारक डॉ. नंद किशोर आचार्य ने कहा कि इस पुस्तक के लेखन के पीछे गुहा की विशिष्ट वैचारिक दृष्टि रही है, जो इतिहास, समाज और साहित्य के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान करती है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ. भंवर भादानी ने पुस्तक में सेवाग्राम के उल्लेख को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें सेवाग्राम से जुड़े प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक समीक्षा पैनल में शामिल डॉ. मेघना शर्मा ने पुस्तक के अध्याय ‘कहीं से 766 किलोमीटर दूर सेवाग्राम’ की समीक्षा करते हुए भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास, महात्मा गांधी की वैचारिक परिणति, आश्रम जीवन की नैतिक संरचना तथा आधुनिक भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना के विविध आयामों पर प्रकाश डाला। डॉ. ब्रजरतन जोशी ने पुस्तक के दूसरे खंड पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘आखिरी उदारवादी और अन्य आलेख’ साहित्य को केवल रचनाओं के सौंदर्य या लेखकों की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखती। इसके आलेख साहित्यकारों, अध्यापकों, आलोचकों, पत्रिकाओं, जीवनी एवं आत्मकथा जैसी विधाओं और पढ़ने की संस्कृति के बीच संबंधों को रेखांकित करते हैं। कार्यक्रम में डॉ. रीतेश व्यास, डॉ. मुकेश हर्ष, गजानंद व्यास, नदीम अहमद, माणक सुथार, महेश उपाध्याय, अविनाश व्यास, आनंद पुरोहित, जाकिर अदीब, सुनीता श्रीमाली, प्रमोद शर्मा, मनन, आनंद छंगाणी, उषा बिस्सा, दीक्षा व्यास, गोपाल व्यास, प्रवीण प्रजापत, मनीष जोशी, ओमप्रकाश सुथार और इमरोज नदीम सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
