

जैन संतों-साध्वियों की सुरक्षा एवं चातुर्मास व्यवस्थाओं को लेकर जैन महासभा ने सौंपे ज्ञापन
बीकानेर। सकल जैन समाज की प्रतिनिधि संस्था जैन महासभा, बीकानेर के नेतृत्व में जैन संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा तथा चातुर्मास व्यवस्थाओं के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को विभिन्न मांगों एवं सुझावों से संबंधित ज्ञापन सौंपे गए। जैन महासभा के कन्हैयालाल बोथरा ने बताया कि रीवा (मध्यप्रदेश), अमरावती (महाराष्ट्र), भीलवाड़ा एवं पाली सहित विभिन्न स्थानों पर जैन संतों एवं साध्वियों के साथ हुई सड़क दुर्घटनाओं ने पूरे जैन समाज को चिंतित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जैन साधु-साध्वियां धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए पूर्णतः पैदल एवं नंगे पैर विहार करते हैं। ऐसे में बढ़ता यातायात और तेज गति से चलने वाले वाहन उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा केवल किसी एक समाज का विषय नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं एवं धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस संबंध में सरकार एवं प्रशासन स्तर पर विशेष सुरक्षा उपाय किए जाने की आवश्यकता है। बोथरा ने बताया कि जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में गंगाशहर रोड स्थित शिव वैली क्षेत्र अथवा किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर जैन समाज के लिए बहुउद्देशीय सभास्थल हेतु भूमि आवंटित करने की मांग भी की गई है। इसके अलावा समाज की विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के सुचारू संचालन से जुड़े अन्य सुझाव भी प्रशासन के समक्ष रखे गए। बैठक में जतनलाल संचेती, संजय जैन, विनोद बाफना, मोहन सुराणा, मनीष नाहटा, जयचंदलाल सुखानी, डॉ. जे.एस. मेहता, संतोष बांठिया, प्रमोद चोरड़िया, अरुण जैन, विक्रम भुगड़ी, गगन कुमार सेठिया सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
