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क्यों 15 अप्रैल से शुरू होता है असली ‘नया साल’?

क्यों 15 अप्रैल से शुरू होता है असली ‘नया साल’?
लेखक: दीपांशु गिरी
15 अप्रैल: एक राजा अपने तख्त पर विराजमान और नववर्ष की शुरुआत
कालचक्र की पहली राशि मेष है। कालचक्र के राजा सूर्य जब मेष में जाएंगे, तब इस संसार में ऊर्जा का संचार अलग होगा। यह संचार मात्र पेड़ों, पक्षियों या फसल तक सीमित नहीं है, बल्कि मनुष्य भी अपने जीवन में एक नई ऊर्जा का एहसास करेंगे।
मेष कालचक्र की पहली राशि है जिसमें सूर्य उच्च के होते हैं। मेष एक ऊर्जा से भरपूर राशि है जिसमें जीवन देने की शक्ति छुपी है। इस ऊर्जा को संभाल पाना, इसका संचालन करने के लिए किसी ऐसे ग्रह की जरूरत होती है जो मेष की ऊर्जा को न सिर्फ इस्तेमाल करे बल्कि इस पर नियंत्रण भी रखे, और सूर्य, जो कि हमारी अंतरात्मा को दर्शाते हैं, इस ऊर्जा का भली-भाँति इस्तेमाल कर पाते हैं।
यह वह समय है जब हम फसल कटाई चालू करते हैं और धरती को अगली फसल के लिए तैयार कर रहे होते हैं। पर जब हिन्दू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, तब मेष संक्रांति का क्या महत्व है?
दरअसल में हिन्दू ऋषि-मुनियों ने ग्रहों से होने वाले हर उस बदलाव को अंकित और महसूस किया ताकि आकाश की ऊर्जा को मानव अपने अनुरूप न सिर्फ इस्तेमाल कर पाए, परंतु आकाश में होने वाले हर बदलाव को अपने जीवन के उत्थान के लिए इस्तेमाल कर सके, इसीलिए बहुत सारे पड़ाव भी दिए गए।
भारत एक ऐसा देश है जहाँ तापमान हर राज्य में अलग है, वहाँ एक ही नववर्ष कैसे हो सकता है? नववर्ष का मतलब है नया खाना, पकवान और व्यापार में एक चक्र पूरा होना। इसीलिए जो किसान अपनी फसल अप्रैल माह तक बाजार में देंगे, उनके लिए नववर्ष 15 अप्रैल के बाद ही चालू होगा।
मेष वह राशि है जिसको मेढ़े के सिर से ज्योतिष में दिखाया गया है, क्योंकि मेष राशि वाले लोग जिद्दी, जल्दी में रहने वाले और किसी काम में अपनी सारी जान लगाने वाले होते हैं। जैसे कोई मेढ़ा अपना सर बिना सोचे-समझे देकर मारता है, ऐसे ही ये व्यक्ति अपना फायदा या नुकसान सोचे बिना काम करने के लिए आतुर रहते हैं। सूर्य, जो कि अनुशासन के कारक हैं, ऐसी ऊर्जा को भली-भाँति इस्तेमाल कर पाते हैं। जिन व्यक्तियों का जन्म 15 अप्रैल से 15 मई के बीच होता है, ऐसे व्यक्ति भी आपको निडर स्वभाव, रिस्क लेने वाले, अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा कुछ नया करने की सोच रखने वाले और स्वतंत्र स्वभाव के दिखाई देंगे; पर वे हमेशा समाज के बनाए हुए नियमों में रहकर काम करते हैं। श्री राम की कुंडली में भी सूर्य उच्च के होने के कारण वे हमेशा ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ कहलाए।

सोचिए, हमें साल के शुरू में ऐसी ही ऊर्जा चाहिए जब हम फसल की शुरुआत कर रहे हैं। इसके साथ ही नया आर्थिक वर्ष भी अप्रैल से ही चालू होता है और बच्चों की नई कक्षाएं भी अप्रैल से ही चालू की जाती हैं। इस पृथ्वी पर एक नई ऊर्जा का संचार होता है जो कि हम सब में एक नया जोश भर देती है। नए साल की शुरुआत राजा की तरह करें। ‘राजा’ – इस शब्द को अगर आप ढंग से सोचेंगे और पढ़ेंगे कि असल में पृथ्वी पर राजा कौन है, तो पृथ्वी पर राजा वह है जिसको अपने ऊपर नियंत्रण आ गया। सूर्य का मेष राशि में प्रवेश आपको आपकी शक्ति पर नियंत्रण देता है, क्योंकि मेष राशि का संबंध हमारे सिर से भी है, यानी हमारे अहंकार और सोचने-समझने की क्षमता पर नियंत्रण भी सूर्य का मेष में प्रवेश देता है।
अन्न देकर राजा बनें – इस पृथ्वी पर अन्न का अधिकार सिर्फ राजा को है। राजा वह है जो किसी को खाना खिला सके, पानी पिला सके। आपके घर में जो भी आए, चाहे वे डिलीवरी वाले हों, सबको पानी पिलाएं, खाने के लिए कुछ दें। पशु-पक्षियों सबके लिए अन्न निकालें। पहले जब फसल कटती थी तब सभी का भाग उसमें निकल जाता था, परंतु जैसे लोग शहरों में रहने लगे यह परंपरा विलुप्त हो गई। चलिए प्रण लें कि इस साल हर संक्रांति अन्न का दान जरूर करेंगे, मंदिरों में, किसी जरूरतमंद को। ऋतु का पहला फल घर के सबसे आर्थिक कमजोर व्यक्ति को देंगे, यही असली राजा की पहचान है। आपको नववर्ष की शुभकामनाएँ।
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।
सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥
लेखक परिचय: दीपांशु गिरी, ‘लूनर एस्ट्रो वैदिक एकेडमी’ के संस्थापक हैं । वह एक पूर्व अंडरवाटर रोबोटिक्स इंजीनियर हैं, जिन्होंने वैश्विक समुद्री क्षेत्रों में 14 वर्षों तक अपनी सेवाएँ दी हैं । उन्होंने वैदिक ज्योतिष में इंजीनियरिंग सटीकता लाते हुए ‘भृगु डेटा बैंक’ का निर्माण किया है, जो 27,000 से अधिक वास्तविक केस स्टडीज के डेटा और पैटर्न्स पर आधारित है । पेंगुइन रैंडम हाउस द्वारा प्रकाशित उनकी पुस्तक ‘रिचुअल्स ऑफ ए हैप्पी सोल’ एक नेशनल बेस्टसेलर है । सोशल मीडिया पर उनके 4,00,000 से अधिक फॉलोअर्स हैं, जो दुनिया के अलग-अलग कोनों से उनके शोध और ज्ञान से जुड़े हैं । वर्तमान में वे 20 से अधिक देशों के वैश्विक समुदाय को वैदिक विज्ञान और अनुसंधान आधारित ज्योतिष पर मार्गदर्शन कर रहे हैं ।

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