

श्याम जांगिड़ को मिला चुन्नीलाल सोमानी कथा पुरस्कार
बीकानेर। प्रसिद्ध कथाकार श्याम जांगिड़ को संस्कृति भवन के प्रांगण में चुन्नीलाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार के अन्तर्गत उन्हें शॉल- श्रीफल तथा इकतीस हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। समारोह को सम्बोधित करते हुए राजस्थानी भा. सा.एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कहा कि समाज द्वारा साहित्यकारों को सम्मानित करने की परम्परा भारत में पूर्व काल से रही है। सरकारी संस्थाओं की बजाय समाज द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार अधिक विश्वसनीय रहे हैं। उन्होंने श्याम जांगिड़ के लेखन को यथार्थ से ओतप्रोत बताया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ हरिमोहन सारस्वत ने कहा कि राजस्थानी का लेखक सेवा भावना से प्रेरित होकर लेखन करता है। उसे उससे अर्थ की प्राप्ति नहीं होती। राजस्थानी भाषा की चिंता सरकार से पहले यहां के वासिन्दों को करनी होगी। अन्यथा उनकी वह पहचान जो हजारों वर्षों से निर्मित हुई है, नष्ट हो जाएगी। डॉ. मदन सैनी ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। युगानुरूप भाषाएं अपना स्वरूप बदलती हैं, पर अपनी भाषा की उपेक्षा कभी नहीं करनी चाहिए। इस मौके पर लक्ष्मीनारायण सोमानी, रवि पुरोहित उपस्थित थे।
