

भक्ति में धन नहीं, श्रद्धा और विश्वास महत्वपूर्ण
बीकानेर। जिस अखिल ब्रह्माण्ड नायक भगवान की एक दूसरे से पूरा संसार क्रमबद्ध गति से युगों- युगों से चल रहा है, उस दिव्य परमात्मा की भक्ति के बल एक मायरा कौन बड़ी बात है। कथा व्यास डॉ. रामप्रसाद महाराज ने कथा के दूसरे दिन नरसी मेहता के नानी बाई रो मायरो का वाचन करते हुए यह बात कही। पूर्णानन्दजी महाराज की पुण्यतिथि पर 20 मार्च तक श्री बंशीलाल राठी की बगीची, भीनासर स्थित समाधि स्थल पर चल रही नानीबाई रो मायरो (संगीतमय भक्त माल कथा) का आयोजन किया जा रहा है। कथा का वाचन करते हुए महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज ने कहा कि भक्ति में अपूर्व शक्ति है, भगवान भक्त के वशीभूत केवल निर्मल भक्ति से ही हो जाते हैं। सच्चे भक्त की भगवान स्वयं रक्षा करते हैं। भक्ति में धन नहीं, श्रद्धा और विश्वास महत्वपूर्ण है।
