

खेजड़ी सरंक्षण कानून बनाने में पर्यावरण विशेषज्ञों की लें राय
बीकानेर। पर्यावरण संघर्ष समिति का बीकानेर में 238वें दिन तथा खेजड़ला रोही नोखा दईया में 593वाँ दिन भी जारी रहा धरना। बीकानेर धरने पर बैठे जेठाराम लाखूसर ने कहा कि सरकार खेजड़ी सरंक्षण कानून बनाने से पहले पर्यावरण विशेषज्ञों व पर्यावरणविदों की राय जरूर लें, लाखूसर ने कहा कि जिस क्षेत्र में खेजड़ियां कटी हैं उस क्षेत्र का दौरा कर वहां हुए पर्यावरण नुकसान का जायजा लें, स्थानीय लोगों के विचार भी लें तथा प्रमुख आन्दलोनकारियों के सुझाव भी जरूर लें। धरने पर रामगोपाल बिशनोई, शिवदान मेघवाल, शान्तिलाल सेठिया, हनुमाना राम बेनीवाल, हेतराम बिशनोई, गोपीचन्द धायल, रामस्वरूप पूनिया, रामदेव मेघवाल, कृष्ण कुमार बिशनोई, हनुमान काकड़, हीरू खाँ टावरी, ताहिर खान, शरीफ समेजा, रामसिंह राहड़, हुसैन हिन्दुस्तानी, रामचन्द्र माल, बुधराम सीगड़, श्रवण कासनिया, हनुमान महिया, महेन्द्र भादू, मूलचन्द खत्री, रामप्रताप वर्मा, पूनमराम रिख, जयकिशन गहलोत, सुगनाराम चौधरी, कैलाश भादू, केदारनाथ खत्री, किशनाराम लील, भगवाना राम सियाग, महावीर जोशी, सत्य नारायण कुलड़िया, रेवन्तराम मेघवाल, हजारी राम धायल, जैसाराम मेघवाल, मूणाराम मेघवाल, मोहम्मद शाहिद, राजाराम सारस्वत, राधा किशन सुथार, ओमप्रकाश सैन, भगवाना राम बिशनोई व ओम प्रकाश खीचड़ कुचौर आदि उपस्थित हुए।
