

17 सूत्री मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल, बीकानेर में भी व्यापक असर
बीकानेर। केंद्र सरकार की जन एवं श्रम विरोधी नीतियों के विरोध में 17 सूत्री मांगों को लेकर दस केंद्रीय श्रमिक संगठनों एवं सैकड़ों स्वतंत्र ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी आम हड़ताल आयोजित की गई। हड़ताल में देशभर के करोड़ों कामगार, कर्मचारी, अधिकारी, किसान एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूर शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार 30 करोड़ से अधिक श्रमिकों ने भागीदारी निभाते हुए श्रमिक विरोधी कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की।
बीकानेर में भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बैंक, बीमा, सामान्य बीमा, राज्य एवं केंद्र सरकार के विभाग, रेलवे, शिक्षा विभाग, बीएसएनएल, आयकर, डाकघर, कोयला, रक्षा क्षेत्र, आशा, उषा, आंगनवाड़ी, मध्यान्ह भोजन कर्मी, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, खेत-खदान-खलिहान, भवन निर्माण, सार्वजनिक उपक्रमों सहित विभिन्न संस्थानों में कामकाज प्रभावित रहा। हड़ताल के संयोजक वाई.के. शर्मा ने बताया कि यह विश्व की सबसे बड़ी आम हड़तालों में से एक है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने हड़ताल को समर्थन दिया। एआईबीईए से रामदेव राठौड़, जे.पी. वर्मा, जयशंकर खत्री; एटक से अब्दुल रहमान कोहरी, अविनाश व्यास, प्रसन्न कुमार; इंटक से अशोक पुरोहित, महेंद्र देवड़ा, हेमंत किराडू; सीटू से मूलचंद खत्री, गिरधारी शर्मा; अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिला अध्यक्ष पृथ्वीराज लेघा; शिक्षक संघ के जिला मंत्री अरुण गोदारा; एचएमएस से ब्रजेश ओझा, प्रमोद यादव तथा जनवादी महिला समिति से सीमा जैन ने संबोधित किया।
