

पर्यावरण संघर्ष समिति का धरना जारी रहा
बीकानेर। पर्यावरण संघर्ष समिति के धरने पर बैठे हंसराज देहड़ू ने कहा कि पर्यावरण असुन्तलन का मुख्य कारण खेजड़ी व अन्य पेड़-पौधों की कटाई है। सरकार खेजड़ी कटाई पर तुरन्त रोक लगायें, आधा अधूरा कानून मान्य नहीं होगा। क्योंकि राज्य वृक्ष खेजड़ी को लगातार चीरने से मानव के साथ-साथ पर्यावरण भी चित्कार उठा है। जीवों के प्रति दया, प्रकृति से प्रेम और पेड़ों के संरक्षण की परम्परा को बनाये रखना होगा। आज धरने पर परताराम चौधरी, शिवदान मेघवाल, सज्जन कुमार, गंगाबिशन सियाग, हरिराम खीचड़, शान्तिलाल सेठिया, रामप्रताप वर्मा, लाधुराम गोदारा, पट्टू प्रेमरतन जोशी, हेतराम बिशनोई, रामदेव मेघवाल, ताहिर खान, हनुमान काकड़, मूलचन्द खत्री, गिरधारी कूकणा, काशीराम मेघवाल, सरजू गहलोत, जयप्रकाश बागड़वा, रामचन्द्र माल, हुसैन हिन्दुस्तानी, बुधराम सीगड़, बुधराम सियाग, गुगन गिरी, रामसिंह राहड़, जीसुखराम गोदारा, महेन्द्र भादू, ओम प्रकाश बिशनोई, कृष्ण कुमार बिशनोई, मिलन गहलोत, छोगाराम तर्ड़, अविनाश व्यास, अब्दुल रहमान कोहरी, तेजपाल लखारा, रघुनाथ भादू मालाणी, कपिल गौड़, पूनमचन्द गोयल, पूनमराम रिख, रेवन्तराम मेघवाल, अनु चौहान, राज कंवर, अर्जुनराम कूकणा, दुलाराम मेघवाल, नरेन्द्र सिंह राजावत, जैसाराम मेघवाल, मोखराम धायल, गोपीचन्द धायल, रामेश्वर खीचड़, रामदयाल बिशनोई, श्रीराम मण्डा, हरीराम चौधरी झाड़ेली, पाबूराम भादू, मोहर सिंह पचार, भानीसिंह राईका, पृथ्वीराज लेघा, सीताराम सियाग, सत्य नारायण कुलड़िया, डॉ. रामेश्वर लाल बिशनोई, कोडाराम भादू, गोपाल सिंह राजुरोहित, फारूक भाटी, राधाकिशन सुथार, विवेक मितल सहित साथी उपस्थित हुए।
