

दांपत्य की डोर-एक सुनहरी भोर विषयक दांपत्य कार्यशाला का आयोजन
बीकानेर। जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा व तेरापंथ महिला मंडल गंगाशहर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को दांपत्य की डोर-एक सुनहरी भोर विषयक कार्यशाला आयोजित हुई। सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वीश्री विशदप्रज्ञा ने सुखी दांपत्य जीवन के सूत्र बताते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि विवाह शब्द केवल तीन अक्षरों का समूह नहीं है। वि से विश्वास, वा से वायदा तथा ह से हमराही के रूप में विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि विवाह के समय लिए गए संकल्पों का आजीवन पालन करें। मुकेश हेमा पारख ने नाट्य मंचन किया। लूणकरण छाजेड़, धीरेंद्र बोथरा, राजेंद्र मधु सेठिया, प्रकाश सरिता भंसाली व प्रमोद विद्या चौरडिया ने अपने संस्मरण सुनाए। रुचि छाजेड़ द्वारा कविता प्रस्तुत की गई। मंजू लूणिया द्वारा प्रतिभागियों को बौद्धिक खेल खिलाए गए। आभार ज्ञापन सभा कोषाध्यक्ष रतन लाल छलाणी ने किया।
