

सफलता के लिए अपना शत-प्रतिशत दें : पूनम कंवर
बीकानेर/कोलायत। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अपना शत प्रतिशत देना होता है। तभी आप और हम सफल हो सकते हैं। यह बात कोलायत तहसील की तहसीलदार और आयोजन की मुख्य अतिथि पूनम कंवर ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित जन शिक्षण संस्थान बीकानेर द्वारा स्वच्छता पखवाड़े के तहत “नाली सफाई और कचरा पात्र संग्रहण“ विषय पर संवाद और प्रमाण पत्र वितरण समारोह में कही। कंवर ने कहा कि जिस तरह से महिलाएं अपने हुनर को बढ़ा रही है इससे यह स्पष्ट हो गया है कि देश के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण, आपने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार के जन शिक्षण संस्थान बीकानेर के कार्यकलापों की सराहना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रीकोलायत ग्राम पंचायत की सरपंच धनी देवी ने महिलाओं को आगे बढ़ने का संदेश और स्वच्छ रहने की बात कही। विशिष्ट अतिथि राजस्थान हाईकोर्ट के एडवोकेट श्याम कुलरिया ने कहा की स्वच्छता ही जीवन है, स्वच्छता के मामले में महिलाएं तो वैसे भी आगे है, चाहे वह घर की सफाई हो या फिर गली, मोहल्ले की।
सामाजिक कार्यकर्ता किशोर सिंह राजपुरोहित ने महिला शक्ति को सर्वोपरि बताया और कहा कि अगर महिलाओं को इस तरह का मंच मिलता है तो वह देश में उच्च पदों पर सुशोभित होती है और दूसरी तरफ कौशलता प्राप्त करके अपनी नई पहचान बनाती है।
कार्यक्रम के आरंभ में संस्थान के निदेशक ओमप्रकाश सुथार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की ओर से जिले भर में संचालित कौशल गतिविधियों और इस ओर हो रहे प्रयासों की चर्चा की साथ ही कौशलता के 10 वर्ष पूर्ण होने की बधाई दी। आयोजन में विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में कौशलता पूर्ण करने के बाद स्वयं का रोजगार प्राप्त करने वाली सफल महिलाओं ने अपने विचार भी रखें।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने
कूड़ेदान (डस्टबिन) स्थापित करने का मतलब है, कचरा संग्रह के लिए एक कंटेनर को जगह-जगह लगाना। सार्वजनिक स्थानों, घरों, या व्यवसायों में, कचरे को अलग-अलग करने और पर्यावरण को साफ रखने के लिए डस्टबिन का उपयोग किए जाने विषय पर संवाद किया।
कार्यक्रम के अंत में पूर्व में संचालित कौशल केदो के प्रमाण पत्र अतिथियों के कर कमल से वितरित किए गए। सहायक कार्यक्रम अधिकारी उमाशंकर आचार्य ने आगंतुकों के प्रति आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया। इस आयोजन में संस्थान के संदर्भ व्यक्ति योगेश्वरी पंचारिया, तरुण राठौड़, मोनिका पंचारिया, सुलोचना राठौड़, सुनीता प्रजापत, रजनी, भगवती, बिलकिशन पठान आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर आयोजन को सफल बनाया।
आयोजन में उरमूल सीमांत समिति बज्जू से मरु एकता बालिका हॉस्टल से आई बालिका अनीता ने अपने अनुभव साझा किये।
