Bikaner Bikaner District Rajasthan

जैन धर्म की 16 महासतियों  की गौरवगाथा की प्रस्तुति        

जैन धर्म की 16 महासतियों  की गौरवगाथा की प्रस्तुति        
बीकानेर। गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिनमणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती गच्छाधिपति आचार्य प्रवर श्री जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती गणिवर्य श्री मेहुल प्रभ सागर म.सा., मंथन प्रभ सागर, बाल मुनि मीत प्रभ सागर, साध्वी दीपमाला श्रीजी व शंखनिधि के सान्निध्य मे शनिवार को ढढ्ढा कोटड़ी में जैन धर्म में 16 महासतियों की गौरव गाथा की संगीतमय प्रेरणादायक प्रस्तुति व स्पर्द्धा हुई।
गौरव गाथा की प्रस्तुति में साध्वीश्री दीपमाला व शंखनिधि म.सा ने बताया कि जैन धर्म में 16 महासतियों में ब्राह्मी, सुन्दरी, चंदन बाला, राजिमति उर्फ राजुल, दे्रपदी, कौशल्या, मृगावती, सुलसा, सीता, सुभ्रदा, शिवा, कुंती, दमयंती, पुष्पचूला, प्रभावती और पदमावती महासति जैन धर्म में महिलाओं के लिए आदर्श मानी जाती है । सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट व श्री अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में सकलश्री संघ के सहयोग से आयोजित चातुर्मास की इस प्रस्तुति को देखकर श्रावक-श्राविकाएं भाव विभोर हो गए।
अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई की मंत्री लीला बेगानी ने बताया कि 16 महासतियों की प्रतियोगिता में सारिका गुलगुलिया प्रथम, ज्योति सेठी द्वितीय तथा रूचिका खजांची तृतीय रही। साध्वीश्री दीपमाला व शंखनिधि ने सभी प्रतिभागियों को आशीर्वाद तथा सुश्राविका अंजुमाला, सुश्रावक कंवर लाल खजांची परिवार की ओर से पुरस्कार प्रदान किया गया। अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई के उपाध्यक्ष कमल सेठिया ने बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे बच्चों की प्रस्तुति तथा दोपहर को ढढ्ढा कोटड़ी में शिविर आयोजित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *