

135 भामाशाहों को किया सम्मानित
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को सिर्फ शिक्षा प्रदान करना ही नहीं बल्कि इसके माध्यम से उनके जीवन में मूल्यों, नैतिकता और संस्कारों का समावेश कर आदर्श नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में भामाशाहों, शिक्षाविदों एवं प्रेरकों की त्रिवेणी अहम भूमिका निभा रही है। इनसे प्रेरणा लेकर समाज के अन्य लोग भी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे।
शर्मा शनिवार को माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में आयोजित 29वें राज्यस्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेवाड़ की रक्षा के लिए अपनी समस्त संपत्ति महाराणा प्रताप को समर्पित करने वाले भामाशाह का नाम हमारे हृदय में गर्व और सम्मान का भाव जगाता है। आज भी आवश्यकता पड़ने पर समाज के लिए भामाशाह आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि समभाव, समानता तथा एक-दूसरे को आगे बढ़ाने का दृष्टिकोण प्रदेश की मिट्टी में विद्यमान है।
इस अवसर पर जिला प्रमुख श्रीमती रमा चोपड़ा, शासन सचिव स्कूल शिक्षा विभाग श्री कृष्ण कुणाल, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अभियान श्रीमती अनुपमा जोरवाल, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक श्री सीताराम जाट, आयुक्त मिड-डे मील श्री विश्व मोहन शर्मा सहित सम्मानित भामाशाह, शिक्षाविद् तथा समाजसेवी उपस्थित रहे।
