Rajasthan

राज्य सेवा के अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही

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9 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन रोके जाने की कार्यवाही
जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने संवेदनशील, भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी सुशासन की नीति अपनाते हुए राज्य सेवा के अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही, अभियोजन स्वीकृति एवं 17-ए के विचाराधीन 38 प्रकरणों का निस्तारण किया है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध लंबी अनाधिकृत अनुपस्थिति एवं भ्रष्टाचार के 2 प्रकरणों में सेवा से हटाने एवं पदच्युत करने का निर्णय लिया है। वहीं अभियोजन स्वीकृति के लंबित प्रकरणों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 7 अधिकारियों के विरूद्ध अभियोजन चलाने की मंजूरी दी है। भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 17-ए के 05 प्रकरणों में भी विस्तृत जांच एवं अनुसंधान करने की अनुमति भी प्रदान की है। इसी तरह 11 सेवारत अधिकारियों के विरूद्ध सीसीए नियम-16 तथा 2 अधिकारियों के विरूद्व सीसीए नियम-17 के तहत कार्यवाही करते हुए वार्षिक वेतन वृद्धियां संचयी/असंचयी प्रभाव से रोके जाने के निर्णय किया है। इसके अतिरिक्त, सेवानिवृत्त अधिकारियों के पुराने प्रकरणों का निस्तारण करते हुए 9 अधिकारियों की पूर्ण अथवा आंशिक पेंशन रोके जाने की कार्यवाही की गई है। वहीं 4 सेवानिवृत्त अधिकारियों के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के जांच निष्कर्ष का अनुमोदन किया गया है। साथ ही, भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1 सेवानिवृत अधिकारी के विरूद्ध अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के नियम 08 में प्रमाणित आरोपों हेतु पेंशन रोकने के दण्ड की अभिशंसा भारत सरकार को भिजवाई गई है। इसी तरह 2 प्रकरणों में सीसीए नियम 34 के तहत अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत पुनर्विलोकन याचिकाओं को निरस्त करते हुए दण्ड को यथावत रखा गया है तथा विभागीय जांच के 2 प्रकरणों में आरोपित अधिकारियों को राहत दी गई है।

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