

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता शिविर आयोजित
बीकानेर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सैना के निर्देशन में भुजिया फैक्ट्री में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मांडवी राजवी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ ने पहली बार बाल श्रम रोकने का मुद्दा उठाया था, जिसके बाद साल 2002 में सर्वसम्मति से एक ऐसा कानून पारित हुआ जिसके तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी करवाना अपराध माना गया। उन्होंने बताया कि बाल श्रम को समाप्त व बच्चों को शिक्षा और विकास के अवसर प्रदान करने सहित आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से यह दिन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर समस्या है।
इस दौरान श्रमिकों को नालसा (वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी सेवाएं) योजना, 2016 सीनियर सिटीजन एक्ट, निःशुल्क विधिक सहायता, राजस्थान पीडित प्रतिकर स्कीम के बारे में बताया गया। नालसा द्वारा पॉश अधिनियम पर जारी पुस्तक आवाज उठाओ, पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक न्याय व नारी सशक्तिकरण विषयों पर जारी पुस्तक पर चर्चा की गई।
शिविर में श्रम विभाग के श्रम निरीक्षक रवि मीना, फैक्ट्री के सीपीओ दीपशिखा ठाकुर, वीपी एचआर प्रवेश तिवाड़ी, एचआर मैनेजर संदीप सोलंकी उपस्थित रहे।
