Bikaner Bikaner District

लोग गति परिवर्तन करते है लेकिन मति परिवर्तन नहीं करते

लोग गति परिवर्तन करते है लेकिन मति परिवर्तन नहीं करते
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गच्छाधिपति आचार्य प्रवर जिन मणि प्रभ सूरीश्वरजी महाराज की आज्ञानुवर्ती गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा.,ने मंगलवार को ढढ्ढा चौक क्षेत्र की ढढ्ढा कोटड़ी में प्रवचन में कहा कि अपनी मति (बुद्धि) का परिवर्तन करें। सम्यक दर्शन का मतलब भी मति परिवर्तन है। बुधवार को चातुर्मासिक चतुर्दशी को गणिवर्य, मुनि व साध्वीवृंद के सान्निध्य में चातुर्मास की तपस्याएं, प्रतिक्रमण, सामयिक सहित विविध कार्यक्रम शुरू होंगे।
उन्होंने कहा कि मति परिवर्तन का तात्पर्य विचारों में बदलाव या मानसिक परिवर्तन है। मति परिवर्तन में जीव के प्रति दृष्टिकोण, मूल्यों और विश्वासों में बदलाव कर एक बेहतर लक्ष्य को लेकर जीवन यापन करना होता है। मनुष्य का बेहतर लक्ष्य आध्यात्मिक विकास, आत्म-परमात्म साक्षात्कार व मोक्ष के मार्ग पर चलना होना चाहिए। लोग गति परिवर्तन करते है लेकिन मति परिवर्तन नहीं करते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *