

स्थापत्य कला एवं धरोहर संरक्षण में योगदान के लिए गहलोत सम्मानित
बीकानेर। प्रज्ञालय संस्थान एवं श्रीमती कमला देवी-लक्ष्मीनारायण रंगा ट्रस्ट की ओर से स्थापत्य कला विशेषज्ञ चम्पालाल गहलोत को स्थापत्य कला, वास्तु कला एवं धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘श्रीमती कमला रंगा सृजन सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मालचंद तिवाड़ी ने कहा कि साहित्य और स्थापत्य कला दोनों ही समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। स्थापत्य कला की इस धरोहर को नए आयाम देने वाले चम्पालाल गहलोत केवल स्थापत्य कला विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि संवेदना के शिल्पी भी हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कमल रंगा ने कहा कि सृजन केवल लिखने में ही नहीं, बल्कि गढ़ने में भी होता है। चम्पालाल गहलोत ने स्थापत्य कला को व्यवसाय नहीं, बल्कि साधना के रूप में अपनाया है। इस अवसर पर डॉ. नरसिंह बिनानी, कासिम बीकानेरी सहित साहित्य एवं कला क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। गहलोत को माला, साफा, उपरणा, श्रीफल एवं शॉल अर्पित कर अभिनंदन-पत्र प्रदान किया गया।
