

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्रों की पुष्करणा अनुदेशिकाओं एवं प्रशिक्षणार्थियों ने भी मेले में निभाई सहभागिता
बीकानेर। पुष्करणा समाज के उत्पत्ति दिवस कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहली बार नवाचार करते हुए पांच दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रमों का आगाज स्थानीय पुष्करणा स्टेडियम में आयोजित पुष्करणा मेले से हुआ। मेले का शुभारंभ गोकुल जोशी, डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य एवं रूपकिशोर व्यास ने किया।
अतिथियों ने मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन कर मेले का अवलोकन किया तथा महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित विभिन्न वस्तुओं की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार के मेले वर्तमान समय की आवश्यकता हैं। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित प्रशिक्षण केंद्रों की पुष्करणा अनुदेशिकाओं एवं प्रशिक्षणार्थियों ने भी मेले में सहभागिता निभाई।
श्री पुष्करणा प्रन्यास एवं आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान शाम को पारंपरिक गीतों का आयोजन हुआ। महिलाओं ने ‘केसरिया बालम आयो नी, पधारो म्हारे देश’ सहित विभिन्न राजस्थानी एवं पारंपरिक गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आयोजन समिति के अनिल ने बताया कि कार्यक्रम में समाज की 40 से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं को पूर्व शिक्षा अधिकारी विजय शंकर आचार्य, रमेश हर्ष एवं महेश जोशी ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। रविवार दोपहर रंगोली प्रतियोगिता तथा शाम को हास्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा। 24 अगस्त को मेहंदी-मांडना प्रतियोगिता, साहित्यकार-पत्रकार सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी होगी। 25 अगस्त को महिलाओं के लिए पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता तथा शाम को दीपदान, वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान एवं संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
पुष्करणा दिवस के मुख्य अवसर पर 26 अगस्त को प्रातः मां उष्ट्रवाहिनी का पूजन होगा। इसके बाद ‘सावन झूम के’ कार्यक्रम के तहत पारंपरिक नृत्य, वेद पाठ, भजन संध्या एवं महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम में रासबिहारी जोशी, ए. सोमदत्त पुरोहित, भंवर पुरोहित, राजीव हर्ष, जयनारायण बिस्सा, बद्रीदास जोशी, महेंद्र व्यास, वीरेंद्र किराड़ू, सुभाष जोशी, दिनेश चूरा, रवि आचार्य, राजकुमारी व्यास, आरती आचार्य, शिवराज व्यास, किशोर आचार्य, शारदा पुरोहित, ओकार हर्ष, नागू भा पुरोहित, सेनूका हर्ष, सुमन ओझा, प्रेमशंकर रंगा, नवल पुरोहित, विजय लक्ष्मी व्यास, नवरत्न व्यास, शशि व्यास, विजय भादाणी एवं विजय पुरोहित सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
