Bikaner Bikaner District India Jaipur Rajasthan साहित्य एवं कला

14 वर्षों से साहित्य और भाषाओं को समृद्ध कर रही त्रिभाषा काव्य गोष्ठी

14 वर्षों से साहित्य और भाषाओं को समृद्ध कर रही त्रिभाषा काव्य गोष्ठी
बीकानेर। पर्यटन लेखक संघ एवं महफिले-अदब के सौजन्य से साप्ताहिक त्रिभाषा काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. नरसिंह बिनानी ने की, जबकि इमदाद उल्लाह बासित मुख्य अतिथि रहे। गोष्ठी के संयोजक डॉ. जिया उल हसन कादरी ने आयोजन की जानकारी दी। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. नरसिंह बिनानी ने कहा कि कोई भी भाषा साहित्य का आधार होती है। साहित्यकार केवल रचनाकार ही नहीं होता, बल्कि वह भाषा को समृद्ध करने का कार्य भी करता है। इस अवसर पर असद अली असद ने गोष्ठी की शुरुआत से लेकर वर्तमान समय तक की करीब 14 वर्षों की सुखद साहित्यिक यात्रा की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इतने लंबे समय से आयोजित हो रही यह गोष्ठी विभिन्न भाषाओं के साहित्यकारों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने और आपसी संवाद का मंच प्रदान कर रही है। गोष्ठी में डॉ. जिया उल हसन कादरी, असद शकील गौरी, वली मोहम्मद गौरी वली, कासिम बीकानेरी, महबूब देशनोकवी, डॉ. जगदीश दान बारठ, धर्मेंद्र राठौड़, अमर जुनूनी सहित अन्य रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने रचनाओं का आनंद लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *