

बच्चों के लिए गीता कक्षाओं का आयोजन
बीकानेर। श्रीमद्भगवद् गीता प्रचार समिति द्वारा बच्चों में भारतीय संस्कार, संस्कृति एवं श्रीमद्भगवद् गीता के ज्ञान का प्रसार करने हेतु निरंतर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। वर्तमान कलियुग के चुनौतीपूर्ण परिवेश में नई पीढ़ी को सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने के पावन उद्देश्य के साथ समिति पिछले दो वर्षों से बच्चों के लिए नियमित रूप से “श्रीमद्भगवद् गीता पठन-पाठन कक्षाओं का आयोजन मुंबई में कर रही है। यह पहल ब्रह्मलीन स्वामी रामसुखदास जी महाराज के सिद्धांतों से प्रेरित तथा मुरली मनोहर धोरा के मार्गदर्शन से प्रभावित है। इन कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को गीता-ज्ञान के साथ-साथ संस्कृत भाषा, नैतिक मूल्यों एवं हिंदू संस्कारों की शिक्षा दी जा रही है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया आने वाली पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना हमारा सामूहिक उत्तरदायित्व है। गीता पर विश्व-स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा तथा गीता के प्रत्येक अध्याय को पूर्ण करने पर बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भी प्रदान किए जाएंगे।
