

विवेकानन्द संस्कृति एवं धर्म के सेतु थे
बीकानेर। करुणा क्लब इकाई द्वारा विवेकानंदजी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में समारोह पूर्वक मनाई। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए शाला प्राचार्य राजेश रंगा ने कहा कि विवेकानंद विभिन्न संस्कृतियों एवं धर्म के सेतु थे उन्होंने मानव-मानव में भेद को मिटाने का प्रयास किया। हरिनारायण आचार्य ने विवेकानंद के जीवन के कई रोचक प्रसंग बच्चों को सुना कर उनके जीवन से प्रेरणा लेने को कहा। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने भी रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद से जुड़े कई प्रसंग सुनाए। कार्यक्रम में प्रतिक आचार्य ने राष्ट्रीय युवा दिवस का महत्व समझाते हुए विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का कहा तथा देश भक्ति के गीत सुनाकर बच्चों को भाव विभोर कर दिया।
