

विप्र समाज ही है धर्म और संस्कृति की धरोहर
बीकानेर। अंतरराष्ट्रीय धर्म, संस्कृति एवं समाजोत्थान हेतु समर्पित विप्र फाउंडेशन की ओर से धरणीधर रंगमंच, बीकानेर में सभा का आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन की अध्यक्षता स्वामी प्रखर जी महाराज ने की। कार्यक्रम संयोजक राजेश चुरा व रामकिशन आचार्य के साथ-साथ धनसुख सारस्वत दीपक हर्ष नारायण पारीक किशन जोशी, अमित व्यास दिनेश ओझा रमेश उपाध्याय, नरेश पुरोहित, तन्नू काका, पंकज पीपलवा प्रकाश उपाध्याय विजय पाईवाल आदि पदाधिकारियों ने स्वामी जी का शॉल ओढ़ाकर एवं प्रतिमा भेंट कर सम्मान किया। इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की ओर से चंद्रकला आचार्य सीमा जोशी, शीला आचार्य एवं लक्ष्मी देवी पुरोहित ने स्वागत व संचालन में सक्रिय भागीदारी निभाई। धनसुख सारस्वत ने कहा कि विप्र फाउंडेशन सदैव धर्म, संस्कृति और विप्र समाज के उत्थान के लिए तत्पर रहेगा। प्रखर जी महाराज ने कहा कि ब्राह्मण केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि चरित्र है। यह चरित्र हर युग में विद्यमान रहता है। शास्त्र और शिक्षा ब्राह्मण के बिना अधूरी हैं। ब्राह्मणत्व केवल जाति नहीं, बल्कि आचरण और विचारों की धरोहर है, जो समाज को धर्म और संस्कृति की ओर अग्रसर करता है। विप्र समाज हमेशा सर्वमंगल और विश्वकल्याण की कमान संभालता आया है और भविष्य में भी यही उसका धर्म रहेगा। संचालन विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित ने किया।
