Bikaner Bikaner District Rajasthan

उपाध्याय अज्ञान के अंधकार को दूर करते है

उपाध्याय अज्ञान के अंधकार को दूर करते है
बीकानेर। गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर के सान्निध्य रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में मुनि मंथन प्रभ सागर म.सा. ने आध्यात्मिक पर्व नवपद ओली के चौथे दिन आध्यात्मिक गुरु उपाध्याय पद की महिमा बताई । उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को इस पद की साधना आराधना व क्रिया करवाई। इस दिन का प्रतीक हरा रंग होने से श्रद्धालुओं ने उबली दाल का सेवन करते हुए एकासना, आयामबिल आदि तपस्याएं की। पंच परमेष्ठी में अरिहंत, सिद्ध आचार्य के बाद उपाध्याय पद सम्मानीय, पूजनीय व वंदनीय है। उपाध्याय ज्ञान, विनय, आदि अनेक गुणों से विभूषित होते तथा शास्त्रोक्त ज्ञान से धर्म-आध्यात्म के मर्म को समझाते है। मन की जिज्ञासाओं का समाधान को दूर करते है। आध्यात्मिक गुरु उपाध्याय वट वृक्ष और भगवान धन्वन्तरि के समान है। जर्रा,जन्म व मृत्यु से भय से दूर को है। वे धार्मिक-आध्यात्मिक ज्ञान में पूर्ण पारंगत होकर ज्ञान को दूसरों को शालीनता, सहजता, विनम्रता और अपनी विद्वता से बांटते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *