

तारादेवी बैद ने पचरखा तिविहार संथारा
बीकानेर। उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि कमल कुमार ने अपने संसार पक्षीय अनुज भ्राता विजय की धर्मपत्नी तारादेवी बैद को 55वें दिन की तपस्या में आचार्य श्री महाश्रमण जी की आज्ञानुसार चारतीर्थ के मध्य तिविहार संथारे का प्रत्यास्थान करवाया। मुनिश्री ने पहले उनकी तथा पारिवारिक जनों की अनुमति भी प्राप्त की पीहर और पारिवारिक जनों के अलावा समाज के प्रतिष्ठित लोगों का तांता लगा हुआ था। तारादेवी की दृढ़ आस्था को देखकर सभी नतमस्तक थे। मुनिश्री ने फरमाया कि जीवन में अनेक संथारे करवाये परंतु 55 की तपस्या में यह प्रथम कार्य है। कार्यक्रम में जैन लूणकरण छाजेड़, अमरचन्द सोनी, नवरत्न बोथरा, जतन संचेती, पवनजी छाजेड, कमल भंसाली, महेन्द्र बैद, सम्पत बाफना, हनुमान सेठिया, बच्छराज नाहटा, सुशील बैद, विनोद चैपड़ा, दीपक आंचलिया, धर्मेन्द्र डाकलिया, प्रेम बोथरा, मिनाक्षी आंचलिया, बिन्दू छाजेड़, रेखा चैरड़िया, वर्षा, चारू दोनों पुत्रियां सपरिवार उपस्थित थी पीहर पक्ष से माणकचन्द आरी परिवार भी उपास्थित था।
