

कम खाना, गम खाना व नम जाना-जैन धर्म का प्रमुख सिद्धान्त
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ के गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर ने बीकानेर की ढढ्ढा कोटड़ी में बुधवार को चातुर्मासिक प्रवचन कहा कि ’’कम खाना, गम खाना, नम जाना जैन धर्म का प्रमुख सिद्धान्त है। गणिवर्य के सान्निध्य में तपस्वी व बाल मुनि मीत प्रभ सागर के सांसारिक परिजनों का अभिनंदन किया गया। गणिवर्य श्री ने कहा कि भूख से कम खाने बीमारियां कम होगी, नम जाने यानि झूक जाने से आदर मिलेगा तथा गम खाने से राग-द्वेष, झगड़ा व तनाव कम होगा। हमेशा देव, गुरु व धर्म तथा अपने से बड़ों तथा माता पिता के सामने झुकना चाहिए तथा उनका आशीर्वाद लेना चाहिए। परमात्म, गुरु व माता पिता के सामने झुकने वाले की आयु, बल व शक्ति में वृद्धि होती है।
