

उस्ताद जमना दास कल्ला की रम्मत का होगा मंचन
बीकानेर। शहर में होलाष्टक के दौरान मंचित होने वाली पारंपरिक स्वांग मेहरी रम्मतों में कीकाणी व्यास चौक स्थित उस्ताद जमना दास कल्ला की रम्मत का विशेष स्थान है। इस ऐतिहासिक रम्मत का मंचन आज देर रात्रि से प्रारंभ होकर शुक्रवार सुबह तक निरंतर चलेगा। रम्मत से जुड़े कलाकार एडवोकेट मदनगोपाल व्यास ने बताया कि इस रम्मत की परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। रम्मत के उस्तादों और कवियों ने अपने व्यंग्यपूर्ण ख्याल गीतों के माध्यम से इसे विशिष्ट पहचान दिलाई है। कई ख्याल गीत आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं और लोग उन्हें गुनगुनाते रहते हैं। रम्मत का शुभारंभ रात्रि 12 बजे मां लटियाल स्वरूप के अखाड़े में पदार्पण और स्तुति वंदना के साथ होगा। बाल कलाकार गोपाल ओझा मां लटियाल का स्वरूप धारण करेंगे। मां लटियाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी रम्मत स्थल पर पहुंचेंगे। कार्यक्रम के दौरान कलाकार चौमासा और ख्याल गीतों का गायन करेंगे, वहीं आशीष एंड पार्टी द्वारा राधा-कृष्ण की पुष्प होली का आकर्षक मंचन किया जाएगा। रम्मत में झम्मू मस्तान द्वारा रचित ख्याल, लावणी और चौमासे के माध्यम से सत्ता और शासन पर व्यंग्य के साथ प्रेम और विरह की भावनाओं का भी चित्रण किया जाएगा। रम्मत में टेरिये और वादक अखाड़े में एक ओर बैठकर पारंपरिक शैली में प्रस्तुति देंगे। यह रम्मत बीकानेर की समृद्ध लोकनाट्य परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण मानी जाती है।
