

राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति अत्यंत समृद्ध
बीकानेर। केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री ने कहा कि राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। मायड़ भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए।राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की मुखपत्रिका जागती जोत के सद्य प्रकाशित अंकों का बीकानेर ट्रेड फेयर एक्सपो परिसर में अवलोकन कर रहे थे। इन अंकों में दो विशेषांक श्राजस्थानी गद्य साहित्य री समालोचनाश् व श्डॉ. नृसिंह राजपुरोहित विशेषांकश् शामिल हैं। मेघवाल ने कहा कि राजस्थानी में उत्कृष्ट साहित्य सृजन हुआ है। अकादमी सचिव शरद केवलिया ने अकादमी गतिविधियों की जानकारी दी। जागती जोत संपादक मधु आचार्य श्आशावादीश् ने जागती जोत के प्रकाशित होने वाले आगामी अंकों के बारे में बताया। इस अवसर पर जुगल राठी, डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, यशपाल आहूजा, वेदप्रकाश अग्रवाल, अशोक प्रजापत, कमल रंगा, जनक हर्ष उपस्थित थे।
