

आरटीई का भुगतान नहीं तो प्रवेश नहीं: निजी स्कूल संचालकों का फैसला
बीकानेर। बीकानेर में निजी स्कूल संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया कि आरटीई (Right to Education) के अंतर्गत सत्र 2026-27 से प्री-प्राइमरी कक्षाओं में तब तक प्रवेश नहीं दिए जाएंगे, जब तक शिक्षा विभाग द्वारा इन कक्षाओं के लिए भुगतान को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं किए जाते।
बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए इस निर्णय की जानकारी पैपा के प्रदेश समन्वयक गिरिराज खैरीवाल ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों द्वारा आपसी मंथन और गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि 17 मार्च को इस संबंध में शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपकर संचालकों के इस निर्णय से अवगत कराया जा चुका है। बैठक में संचालकों ने स्पष्ट किया कि बिना भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित किए आरटीई के अंतर्गत प्री-प्राइमरी प्रवेश देना संभव नहीं है। बैठक के दौरान शिक्षा व्यवस्था, आरटीई के प्रावधानों और निजी विद्यालयों के सामने आ रही आर्थिक चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए एकजुटता के साथ निर्णय का समर्थन किया।
इस अवसर पर तरविन्दर सिंह कपूर, रविकांत पुरोहित, सौरभ बजाज, प्रताप सिंह भाटी, बालकिशन सोलंकी, लोकेश कुमार मोदी, रघुनाथ बेनीवाल, सोमेश्वर स्वामी, कृष्ण कुमार स्वामी, जयपाल सिंह भाटी, मांगीलाल रामावत, भैंरू सिंह भाटी, घनश्याम साध, मनोज कुमार राजपुरोहित, रमेश बालेचा, योगेश सांखला, उमानाराम प्रजापत, पुखराज व्यास, मनोज बिहानी, मनीष कुमार, दीपक पुरोहित, अमित मोदी, अमिताभ हर्ष, लक्ष्मण व्यास, विनोद रामावत, विष्णु दत्त मारू, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, कन्हैयालाल साध, बृजभूषण शर्मा, हरिनारायण स्वामी, राकेश कुमार जोशी, महेश गुप्ता, जय गणेश कच्छावा, प्रेम गहलोत, मनोज व्यास, तुलसीराम तंवर, मनीष यादव, मुकेश पांडेय, हनुमान सिंह गहलोत, मूल सिंह शेखावत, कमल कुमार सोलंकी, अभिषेक आचार्य, शिवरतन भाटी, अमजद अब्बासी, सुरेश कुमार आचार्य, कमलचंद पंवार सहित अनेक सभासद उपस्थित रहे।
