

50 वर्ष की आयु में दसवीं पास की
बीकानेर। कहा जाता है कि यदि व्यक्ति के हौसलों में उड़ान हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है। सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को उम्र का मोहताज नहीं होना पड़ता। इसी कहावत को सच कर दिखाया है लूनकरनसर के राजेंद्र कुमार चौधरी ने, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान से दसवीं कक्षा उत्तीर्ण कर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। राजेंद्र कुमार चौधरी ने यह सिद्ध कर दिया कि सीखने और पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। आत्मबल और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, जो युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
