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श्री जुबिली नागरी भंडार के 118वें स्थापना दिवस एवं वसंतोत्सव पर आयोजित तीन दिवसीय समारोह का समापन

सांस्कृतिक संध्या में संगीत की स्वर लहरियों के साथ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने आगंतुकों को भाव विभोर किया
बीकानेर। श्री जुबिली नागरी भण्डार ट्रस्ट के 118वें स्थापना दिवस एवं वसंतोत्सव के अवसर पर आयोजित हो रहे तीन दिवसीय वासंतिक समारोह के अंतिम दिन नागरी भण्डार स्थित सरस्वती मंदिर प्रांगण में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई, जिसमें संगीत की स्वर लहरियों एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने समस्त आगंतुकों को भाव विभोर कर दिया। ट्रस्ट के अध्यक्ष विद्यासागर आचार्य एवं मंत्री गिरिजा शंकर शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि सांस्कृतिक संध्या में दो दर्जन से अधिक कलाकारों ने अपनी उम्दा सांगितिक एवं नृत्य की विभिन्न कला प्रस्तुतियों से माहौल को आध्यात्मिक रंग से सराबोर कर दिया। क़ासिम बीकानेरी ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता श्री जुबिली नागरी भण्डार के अध्यक्ष विद्यासागर आचार्य ने की। स्वागताध्यक्ष के तौर पर ट्रस्टी दिनेश शर्मा उद्बोधन प्रस्तुत किया। विशेष अतिथि लोक गायक नियाज़ हसन ने एक से बढ़कर एक गीतों के प्रस्तुतीकरण से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। हसन ने लोक गीत ’सांवरा म्हारा प्रीत निभाईजे’ की स्वर लहरी के साथ श्रोताओं को आनंद के सागर में गोते लगाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद आपने राजस्थान की माण्ड गायकी की बेहतरीन प्रस्तुति करके श्रोताओं को वाह वाह कहने पर विवश कर दिया।
सांस्कृतिक संध्या में बीकानेर के प्रसिद्ध संगीतज्ञ गौरी शंकर सोनी ने कृष्ण भक्ति प्रधान अपनी रचना से माहौल को भक्तिमय बना दिया। आपने समस्त श्रोताओं की फ़रमाइश पर देशभक्ति के भावों से ओतप्रोत बेहतरीन रचना ’हर हर हर महादेव’ के शानदार प्रस्तुती

करण से माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
सांस्कृतिक संध्या का आग़ाज़ ख़ुशी पंचारिया और शिवानी सोनी ने मां शारदे की वंदना से किया। दोनों कलाकारों ने ’कान्हा आन पड़ी मैं तेरे द्वार’ से किया। गायक चंद्रशेखर चांवरिया ने ’गुलों में रंग भरे बादे नौ बहार चले’, यश्विता पारीक ने शास्त्रीय राग शंकरा पर आधारित ’सांवरो और तुझसे नैना मिलाइके’, नन्हे कलाकार आरव ने राग कलावती पर आधारित रचना ’भुलन लागी’ के शानदार प्रस्तुतीकरण से समस्त आगंतुकों से भरपूर तारीफ़ें पाई। सांस्कृतिक संध्या में ज्योति वधवा रंजना, जुगल किशोर पुरोहित,अब्दुल शकूर सिसोदिया, मेघना प्रजापत, आभा शंकरन,भव्य पारीक,सुनीता स्वामी, भगवती गोस्वामी,अयोध्या से पधारे पं.पवन कुमार त्रिपाठी,ज्योति,मोनिका, गिरिराज,संगीत गुरु सपन कुमार, भव्य सोनी, भव्या पारीक और रूहानी राजपुरा, सुनीता स्वामी,आनंद शंकर पड़िहार,सुकृति आहूजा,मोनिका प्रजापत एवं मूलचंद नायक सहित अनेक युवा एवं बाल कलाकारों ने एक से बढ़कर एक उम्दा संगीतमय प्रस्तुति देकर श्रोताओं से भरपूर वाह वाह लूटी। विजयलक्ष्मी ने जयपुर घराने की नृत्य प्रस्तुति और जय श्री तरफदार ने लोक नृत्य प्रस्तुत करके करके सभी को अपने शानदार नृत्य प्रस्तुतीकरण से आनंदित कर दिया।
ट्रस्ट की तरफ से नियाज़ हसन, अहमद बशीर सिसोदिया एवं गौरीशंकर सोनी का शॉल,श्रीफल, प्रशंसा पत्र, स्मृति चिन्ह, क़लम,डायरी एवं माल्यार्पण द्वारा आत्मिक सम्मान किया गया। साथ ही सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देने वाले समस्त कलाकारों को प्रशंसा पत्र, क़लम व डायरी भेंट करके उनका अभिनंदन किया गया।
देर रात तक चली सांस्कृतिक संध्या और पिछले तीन दिनों से जारी चित्रकला प्रदर्शनी के साथ तीन दिवसीय समारोह का भी समापन हुआ।
सांस्कृतिक संध्या में नागरी भण्डार के व्यवस्थापक नंदकिशोर सोलंकी,एल.एन. सोनी,ज्ञानेश्वर सोनी,कमल रंगा, क़ासिम बीकानेरी,शैख लियाक़त अली,संजय पुरोहित,बुनियाद ज़हीन,डॉ. मोहम्मद फ़ारूक़ चौहान, मनोज सोलंकी भोज,योगेंद्र पुरोहित,गंगाबिशन विश्नोई ’ब्रह्मा’,संतोष शर्मा,गोपाल गौतम,छगन सिंह, डॉ.अजय जोशी,राजाराम स्वर्णकार, आत्माराम भाटी,मुकेश जोशी सांचीहर,डॉ. मोना सरदार डूडी, इसरार हसन क़ादरी, अंजली गुप्ता,महेश उपाध्याय, लीलाधर सोनी,जे.पी. व्यास,सुशील शर्मा,मोतीलाल हर्ष एवं इरशाद अज़ीज़ उपस्थित थे।

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