


बीकानेर। रम्मतों के प्रसिद्ध लोकगीत कलाकार सुशील कुमार सेवग ‘लालजी’ का 69 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से बीकानेर के लोक कला जगत और शाकद्वीपीय मग ब्राह्मण समाज में शोक की लहर छा गई। अंतिम संस्कार में परिजनों, कलाकारों और समाज के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पुत्र मनमोहन सेवग ने मुखाग्नि दी। सुशील कुमार सेवग अपने लोकगीत गायन और रम्मतों से जुड़े सांस्कृतिक योगदान के लिए पहचाने जाते थे। उनके परिवार में एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। उनके निधन से लोक कलाकारों की टीम में भी गहरा शोक व्याप्त है। कलाकारों ने कहा कि सुशील सेवग ने अपनी कला के माध्यम से बीकानेर की लोक परंपराओं को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन पर पूर्व मंत्री डॉ. बुलाकीदास कल्ला, विक्रम कल्ला, यशपाल गहलोत, डॉ. डी.पी. शर्मा, अजय देराश्री, रघु जोशी, बल्लू जोशी, घेवर भादानी, गणेशदास सेवग सहित अनेक लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
