

साहित्य की दुनिया में बदलते दौर पर 27 सितम्बर को श्रीडूंगरगढ़ में मंथन
बीकानेर। कागज पर उतरती रचना से लेकर स्क्रीन पर आकार लेते सृजन तक साहित्य की दुनिया तेजी से बदल रही है। इस बदलाव की संभावनाओं, चुनौतियों और प्रभावों पर देशभर के साहित्यकार 27 सितम्बर को श्रीडूंगरगढ़ में मंथन करेंगे। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति का वार्षिकोत्सव इस बार साहित्यकार समारोह के रूप में संस्कृति सभागार में आयोजित किया जाएगा। समारोह के दौरान वर्ष 2026 के राष्ट्रीय सृजन पुरस्कारों सहित विभिन्न सम्मान प्रदान किए जाएंगे। समिति के श्याम महर्षि ने बताया कि कार्यक्रम में साहित्य के पारंपरिक माध्यमों से डिजिटल मंचों तक की यात्रा, बदलती पाठकीयता, तकनीक के बढ़ते प्रभाव तथा सृजन की नई संभावनाओं जैसे विषयों पर देशभर से आए साहित्यकार और विद्वान विचार साझा करेंगे। रवि पुरोहित ने बताया कि इस वर्ष का ‘रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान’ उद्योगपति डी.पी. पचीसिया को प्रदान किया जाएगा। समारोह में साहित्य और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
