

राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने में हिन्दी का अभूतपूर्व योगदान
बीकानेर। डॉ. मदन केवलिया ने कहा कि राष्ट्रीय एकता के सशक्तीकरण में हिन्दी का अभूतपूर्व योगदान है। हिन्दी ने पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है और यह राष्ट्रीय चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति है। डॉ. केवलिया हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर प्रतिमान संस्थान की ओर से आयोजित ‘राष्ट्रीय एकता का सशक्तीकरण और हिन्दी’ विषयक संगोष्ठी में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हिन्दी समाचार पत्र-पत्रिकाओं का भी अविस्मरणीय योगदान रहा है। हिन्दी ने जनजागरण के साथ-साथ राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. शशि बेसरवारिया ने कहा कि हिन्दी दिवस हमें अपनी मातृभाषा एवं राजभाषा के प्रति सम्मान और गौरव की भावना को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने हिन्दी के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। संगोष्ठी में कमलनारायण पुरोहित, डॉ. मिर्जा हैदर बेग, खुशी केवलिया, शारद केवलिया, प्रभावती पुरोहित, सितारा परवीन, इंदिरा केवलिया, अवनि बेसरवारिया, मन्मथ केवलिया, उर्विजा, आदिल मिर्जा, अद्रिजा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
