

राजनीतिक षड्यंत्र के आरोपों को लेकर वैश्य समाज में रोष, चिंतन बैठक में एकता पर जोर
बीकानेर। जैन समाज के एक प्रमुख उम्मीदवार के साथ कथित राजनीतिक षड्यंत्र एवं विरोध के मामले को लेकर वैश्य समाज के विभिन्न वर्गों में रोष और असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी विषय को लेकर वैश्य समाज की चिंतन बैठक 2 सितंबर को ओसवाल पंचायती, भीनासर में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य किसी जाति अथवा व्यक्तिगत उम्मीदवार के विरोध में खड़ा होना नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे जिम्मेदार लोगों एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों तक समाज की भावना और आपत्ति को उचित एवं लोकतांत्रिक तरीके से पहुंचाना था। समाजजनों ने कहा कि यदि वैश्य समाज के किसी प्रतिनिधि के साथ राजनीतिक स्तर पर अन्याय अथवा षड्यंत्र होता है, तो समाज को सजग होकर सामूहिक रूप से इस विषय पर चिंतन करना चाहिए। बैठक में समाज की एकता, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, समाज के हितों की रक्षा तथा भविष्य में ऐसे मामलों में संगठित एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। डॉ. नरेश गोयल ने कहा कि वैश्य समाज संख्या और सामर्थ्य दोनों में किसी से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी से पहले समाज के साथ हूं।” गणेश बोथरा ने कहा कि वैश्य समाज की संख्या की सही गणना होनी चाहिए और इसके लिए बीकानेर स्तर पर समाज का एक संगठन बनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर बच्छराज नाहटा, शिखरचंद डागा, मनीष बाफना, जेठमल सेठिया, किशोर भंसाली, महेंद्र जैन, सुरेंद्र पटवा, सुमति चौरड़िया सहित समाज के अनेक लोगों ने अपने विचार रखे।
