

वैराग्य के साथ गुरु आज्ञा का पालन जरूरी
बीकानेर। साध्वी प्रीतिरत्ना, साध्वी प्रीतिसुधा एवं साध्वी प्रीतियशा महाराजसा के सान्निध्य में पौषधशाला में आत्मानंद जैन सभा चातुर्मासिक समिति के तत्वावधान में चातुर्मासिक प्रवचन चल रहे हैं। साध्वी प्रीतिसुधा महाराजसा ने सुकुमार के प्रसंग के माध्यम से वैराग्य, दृढ़ संकल्प और गुरु आज्ञा के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि संसार छोड़कर साधु बन जाना आसान हो सकता है, लेकिन किसी को अपना गुरु स्वीकार कर उसका सच्चा शिष्य बनना कठिन है। गुरु के प्रति समर्पण, उनकी आज्ञा का पालन और उनके मार्गदर्शन में जीवन को ढालना ही सच्ची साधना है। चातुर्मास के लाभार्थी परिवार के सुरेंद्र बद्धाणी ने बताया कि चातुर्मास समिति की ओर से शुक्रवार को शुद्ध आयंबिल तप का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में इस तप में सहभागी बनने का आह्वान किया।
