

बीकानेर। गंगाशहर में राष्ट्र सेविका समिति का सात दिवसीय शिविर प्रारंभिक शिक्षा वर्ग का सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि कृष्णा आचार्य ने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति विश्व का सबसे बड़ा महिलाओं का संगठन है ऐसे वर्गों से बहनों के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना, नेतृत्व क्षमता व कर्तव्य बोध का गुण विकसित होता है। मातृत्व अपने स्वयं के गुणो को पहचान कर निरंतर प्रगति के पथ पर बढ़ रही है। वर्गाधिकारी मोनिका गौड ने कहा कि यह वर्ग 29 दिसंबर 2024 से 4 जनवरी 2025 तक सात दिवसीय का प्रारंभिक वर्ग है। इस वर्ग में बीकानेर विभाग के तीन जिलों के 14 खंडों से 112 शिक्षार्थी, प्रबंधिका, शिक्षिकाएं एवं अधिकारी सहित कुल 145 की संख्या में उपस्थिति रही। राष्ट्र सेविका समिति शिविर में शिक्षार्थियों द्वारा वर्ग में सि
खाए गए दंड, नियुद्ध यष्टि, योगासन आदि का प्रदर्शन किया गया साथ ही अनुशासन का पालन करते हुए चिंतन सूत्र, प्रातःशाखा, लेखन कार्य, बौद्धिक व बिंदु संकलन, आचार पद्धति,चर्चा, कार्यशाला भजन, गीत अभ्यास ,आनंद बेला आदि में भाग लेकर आत्म निर्माण भी किया गया। इस अवसर पर ऋतु शर्मा ने बौद्धिक वक्ता की भूमिका में सद्गुण निर्मिती केंद्र शाखा विषय पर उद्बोधन दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति महिलाओं का अखिल भारतीय संगठन है। इस संगठन में कार्यकर्ता का विशेष महत्व है। कार्यकर्ता निर्माण के लिए इस तरह के प्रशिक्षण शिविर समय-समय पर लगाए जाते है। इस प्रारंभिक वर्ग के माध्यम से बहनों का मानसिक बौद्धिक और शारीरिक विकास करते हुए समिति के प्रति विश्वास व आत्मीयता के भाव का निर्माण भी किया जाता है। कार्यक्रम में चंद्रकला आचार्य आकांक्षा पुरोहित, अनुराधा आशा आचार्य इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विभाग कार्यवाहिका चंद्रकला चौधरी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर में जेठानंद व्यास, पश्चिम विधायक, बीकानेर ने शिरकत की।
