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पशु चिकित्सकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

पशुचिकित्सकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
बीकानेर। पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बीकानेर के पशु शल्य चिकित्सा एवं विकिरण विभाग द्वारा फील्ड पशुचिकित्सकों के लिए बड़े जानवरों की हड्डी व जोड़ों से सम्बंधित विकारों के निदान व प्रबंधन हेतु सोमवार को तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत हुई। प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कुलगुरु राजुवास, बीकानेर डॉ. सुमंत व्यास ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को महाविद्यालय के शल्य चिकित्सा विभाग के गौरवशाली इतिहास एवं पशुचिकित्सा क्षेत्र में विभाग के उल्लेखनीय योगदान की जानकारी प्रदान की। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि वेटरनरी महाविद्यालय के शल्य चिकित्सा विभाग के पूर्व आचार्यो का वेटरनरी शल्य चिकित्सा क्षैत्र में बीकानेर ही नहीं अपितु देश के अन्य विश्वविद्यालयों में भी अभूतपूर्व योगदान है। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने प्रशिक्षणार्थियों को इस प्रशिक्षण एवं अर्जित कौशल ज्ञान को फिल्ड में पशुपालकों के हितार्थ उपयोग करने हेतु प्रेरित किया। अधिष्ठाता एवं संकायाध्यक्ष प्रो. हेमन्त दाधीच ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व एवं विभाग में उपस्थित आधुनिक सुविधाओं से अवगत करवाते हुए कहा कि वेटरनरी महाविद्यालय का शल्य चिकित्सा विभाग अब मल्टी स्पेशलिटी चिकित्सा केन्द्र बन गया जिसमे अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा उपकरणों से पशुओं का इलाज किया जा रहा है।  निदेशक क्लीनिक एवं प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम निदेशक प्रो. प्रवीण बिश्नोई ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के 8 राज्यों के 21 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे है जिनमें एक प्रशिक्षणार्थी नेपाल से भी है तथा यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान, नई दिल्ली द्वारा वित्त पोषित प्रोजेक्ट ए.आई.एन.पी. डिमिस्का के अन्तर्गत आयोजित करवाया जा रहा है।

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