Bikaner Rajasthan

ज्ञान-भक्ति और कर्म की त्रिवेणी पर आध्यात्म विचार

ज्ञान-भक्ति और कर्म की त्रिवेणी पर आध्यात्म विचार
बीकानेर। राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष में श्री जैन कन्या पी जी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाईयों के द्वारा आज स्वामी विवेकानंद जी जयंती मनाई गई। रासेयो प्रभारी डॉ राजेंद्र जोशी ने स्वामी जी विचारों पर व्याख्यान दिया।
व्याख्याता विशाल सोलंकी ने स्वामी जी के ज्ञान भक्ति और कर्म की त्रिवेणी और आध्यात्म पर विचार प्रस्तुत किये। सुश्री पल्लवी चौहान ने युवाओं को स्वामी के विचारों से प्रेरणा लेकर स्वयं को मानसिक रूप से मजबूत बनने की बात कहीं।
डॉ दीपाली व्यास ने कहा कि स्वामी जी भारतीय संस्कृति के ब्रांड है उन्हें पहचाने और उनके विचारों को आत्मसात करना चाहिए। अरुण सक्सेना ने कहा कि स्वामी जी राष्ट्रीय चरित्र है उनके इस रूप को पहचानना जरुरी है, भारत की आत्मा को जानना है तो स्वामी जी जानना आवश्यक है। प्राचार्य डॉ संध्या सक्सेना ने युवा दिवस के माध्यम से छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वयं के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जीने वाले और भारतीय सभ्यता संस्कृति के प्रति उनके विचारों को समझकर स्वामी जी के पदचिन्हो पर चलकर स्वयं के जन्म को सार्थक बनाएँ क्योंकि जीवन अल्प है और हम जीवन के उद्देश्यों को पूरा किये बिना चले गए तो हमारे जीवन की सार्थकता नहीं रहेगी। छात्राओं ने भी स्वामी जी के प्रति अपने. विचार प्रस्तुत किये। रासेयो प्रभारी अरुणा त्यागी ने छात्राओं को स्वामी जी के बारे में जानने और उनका अनुगमन करने की बात कही।

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