

श्रद्धा से सराबोर हुआ बाबा गंगाईनाथ धाम, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई धोक
निर्वाण दिवस पर हुई विशेष पूजा, संतों का हुआ समागम एवं भंडारा महाप्रसादी
बीकानेर। जामसर स्थित बाबा गंगाईनाथ जी महाराज की तपोस्थली गुरूवार को श्रद्धा से सराबोर रही। परम श्रद्धेयी बाबा गंगाईनाथ महाराज के इकतालीसवें निर्वाण दिवस आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने और बाबा की समाधी पर धोक लगाने के लिये राजस्थान समेत हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्यप्रदेश से साधू संत और हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। बर्फानी सर्दी के बावजूद साधू संतों और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह नजर आया, वहीं बाबा गंगाईनाथ समाधि स्थल सेवा समिति की सेवादार भी श्रद्धाभाव से श्रद्धालुओं और संत महात्माओं की सेवादारी में जुटे रहे। इस दौरान बाबा के जयकारों से समूचा माहौल गूंजायमान रहा। इस मौके पर गुरूवार सुबह मंगलबेला में बाबा की समाधि का अभिषेक और विशेष पूजा अर्चना के बाद आयोजित विशाल भंडारे में सबसे पहले साधूं संतों ने प्रसादी ग्रहण की। समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्रपाल शर्मा एवं पदाधिकारियों और श्रद्धालुजनों ने साधू संतों का सम्मान कर उन्हे श्रद्धा से दक्षिणा भी प्रदान की। इसके बाद विशाल पंडाल में भंडारे श्रद्धालुजनों ने बाबा की प्रसादी ग्रहण की। बाबा गंगाईनाथ महाराज के निर्वाण दिवस पर संत महात्माओं और श्रद्धालू जनों की सेवादारी के लिये बाबा गंगाईनाथ समाधि स्थल सेवा समिति के सेवादार चारों प्रहर जुटे रहे। इनमें समिति के अध्यक्ष एडवोकेट सुरेन्द्र पाल शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार पन्नालाल नागल, कमलेश शर्मा, राकेश ओझा, रामकुमार सारस्वत, गणेश ओझा, गणेश प्रजापत, रामलाल प्रजापत, रामलाल हलवाई, श्याम बाबू शर्मा, योगेन्द्र शर्मा, कन्हैयालाल पुरोहित, कानाराम कुमावत धोलेरा, रामूराम धोलेरा, जगदीश बिष्ट, उमेश स्वामी, पदमाराम खारा, मोहन मोदी, ईश्वर प्रसाद अग्रवाल, रवि अग्रवाल, श्यामसुंदर शास्त्री, रूपाराम, करणीराम, बदलदेव, सत्यनारायण, कालूसिंह धोलेरा, जितेन्द्र, मनीष, गणेश, दीपू, दिनेश, गौरव शर्मा, सचिन, महेश समेत अनेक सेवादार श्रद्धाभाव के साथ श्रद्धालूओं की सेवादारी में जुटे रहे।
