

राजस्थानी संस्कृति री ओळखाण पुस्तक का विमोचन
बीकानेर। नत्थूसर बास स्थित श्री नवलेश्वर मठ सिद्धपीठ में अधिष्ठाता शिवसत्यनाथ महाराज के सान्निध्य में राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण कृति राजस्थानी संस्कृति री ओळखाण पुस्तक का विमोचन हुआ। पुस्तक का लेखन डॉ. श्यामा तंवर द्वारा किया गया है। कृति में राजस्थानी भाषा, लोक-संस्कृति, परंपराओं, शिक्षा और नई पीढ़ी में भाषा के प्रति जागृति लाने से जुड़े विषयों का गहन, सरल और प्रेरक विश्लेषण किया गया है। शिवसत्यनाथ महाराज ने कहा कि राजस्थानी संस्कृति री असल पहचान, लोकधरातल सूं उपज्या ग्यान अने परंपरां में बस्सी छे। ऐ कृति नई पीढ़ी ने अपनै मूलां री ओर लौण रो संकल्प देवेसी। पुस्तक के अंतस रा आखर भाग में डॉ. श्यामा तंवर ने विद्यालयी एवं महाविद्यालयी शिक्षा में राजस्थानी विषय की बढ़ती उपयोगिता, भाषा-संवर्धन की आवश्यकता और विद्यार्थियों में जागृत हो रहे सांस्कृतिक चेतनायुक्त दृष्टिकोण पर सारगर्भित लेखन प्रस्तुत किया है।
