Bikaner District Jaipur Rajasthan

3700 करोड़ रुपये लागत से 95 एकड़ में बनेंगे राजस्थान मण्डपम और जीसीसी

image description

3700 करोड़ रुपये लागत से 95 एकड़ में बनेंगे राजस्थान मण्डपम और जीसीसी
जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति के विजन डॉक्यूमेंट ‘विकसित राजस्थान@2047’ एवं 2 नीतियों को मजूंरी दी गई। इसके साथ ही, आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए 3 विधेयकों के प्रारूप के अनुमोदन, परवन बांध डूब क्षेत्र के विस्थापितों को विशेष अनुग्रह राशि स्वीकृत करने तथा युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किए गए।
संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप राज्य सरकार के ‘विकसित राजस्थान@2047’ विजन डॉक्यूमेंट का मंत्रिमण्डल द्वारा अनुमोदन किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य को आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास एवं समावेशी प्रगति की दिशा में सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित बनाने का रोडमैप है। विजन डॉक्यूमेंट के अनुरूप संबंधित विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे तथा वित्तीय आवश्यकताओं का वर्षवार आकलन कर उपलब्ध संसाधनों के अनुसार इसकी क्रियान्विति करेंगे।
नगरीय क्षेत्रों के लिए भूमि आवंटन नीति-2025 को मंजूरी
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि राज्य में सार्वजनिक, सामाजिक, धार्मिक एवं चैरिटेबल संस्थाओं, ट्रस्ट, निजी निवेशकों, कम्पनियों तथा विभिन्न विभागों द्वारा शैक्षणिक, चिकित्सकीय, औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन इकाइयों आदि के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, एकरूप बनाने के उद्देश्य से ‘नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटन नीति-2025’ लाई जा रही है। इस नीति में विभिन्न सामाजिक उपयोगों हेतु भूमि आवंटन आरक्षित/डी.एल.सी. दर की 40 प्रतिशत दर पर किया जाएगा। रीको एवं आवासन मंडल को अविकसित भूमि कृषि डी.एल.सी. दर पर आवंटित की जा सकेगी। राजकीय विभागों को उनकी गतिविधियों हेतु निर्धारित सीमा तक भूमि निःशुल्क आवंटित की जाएगी। साथ ही पर्यटन, आई.टी. उद्योग जैसी विशिष्ट नीतियों के तहत भी राज्य सरकार की स्वीकृति से भूमि आवंटन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह नीति भूमि आवंटन नीति-2015 को प्रतिस्थापित करेगी। इस नीति के अंतर्गत आवासीय परियोजना, वाणिज्यिक परिसर, रिटेल फ्यूल स्टेशन, गैस वितरण प्रोजेक्ट, गैस गोदाम, रेड कैटेगरी उद्योग आदि को भूमि आवंटन नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *