

पशु जैव विविधता संरक्षण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
बीकानेर । राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के पशु जैव विविधता संरक्षण केंद्र द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का गुरुवार को सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुमंत व्यास ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने हेतु स्थानीय पशु जैव विविधता का संरक्षण ही एकमात्र विकल्प है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सहायक कमांडेंट, बी.एस.एफ. अंतरराष्ट्रीय वाइल्ड लाइफ फिल्म मेकर एवं बायोलॉजिस्ट अमित गोस्वामी ने इकोसिस्टम की बारीकियों को विस्तार से समझाया और बताया कि जैव विविधता हमारे फेफड़ों की तरह है, जो हमें जीवित रखती है। अधिष्ठाता वेटरनरी महाविद्यालय, बीकानेर डॉ. बी.एन. श्रृंगी ने प्रतिभागियों को जैव विविधता संरक्षण का लाभ सीधे पशुपालकों तक पहुचाने की अपील की एवं बताया कि पशु चिकित्सक इस कड़ी में सबसे महत्वपूर्ण सेतु हैं, जो विज्ञान को समाज से जोड़ते हैं। कार्यक्रम के अंत में केन्द्र की प्रभारी डॉ. रजनी अरोड़ा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए केंद्र की योजनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान डॉ संजय शर्मा उप निदेशक पशुपालन विभाग भी मौजूद रहे एवं सहायक आचार्य डॉ. राजेश नेहरा और डॉ. राकेश रंजन ने प्रतिभागियों को व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में डॉ. बसंत, डॉ. नरसी राम गुर्जर और डॉ. स्नेहा चौधरी का सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
