

एक ट्राइसाइकिल, 11 महिलाओं को सिलाई मशीनें व 34 बच्चों को विद्यालय पौशाक वितरित की गई
बीकानेर। 44 वर्ष बाद भी जिनके नाम से सद्कार्य हो रहे हैं और जिनकी पहचान पीढिय़ों को सद्मार्ग दिखाती रहे ऐसी शख्सियत अमर हो जाती हैं। स्व. रामरतन कोचर एक ऐसा व्यक्तित्व हैं जो देशभक्ति, धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में सर्वाेच्च नजर आते हैं। यह उद्गार पूर्वमंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने कोचर सर्किल पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। स्व. कोचर की 44वीं पुण्यतिथि को सद्भावना दिवस के रूप में मनाते हुए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, रायसिंहनगर विधायक सोहन नायक, मुख्यवक्ता प्रो. सतीश कुमार वाराणसी (उत्तर प्रदेश) रहे। समारोह को सम्बोधित करते हुए पूर्व मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी, पूर्व विधायक के रूप में स्व. रामरतन कोचर सुभाषचन्द्र बोस की प्रेरणा को मानने वाले तथा गांधीजी के अनुयायी स्व. कोचर द्वारा बीकानेर में मलेरिया महामारी के समय जरुरतमंदों को दवाइयां देना तथा अनाज की आपूर्ति करवाने का भी सेवा कार्य किया गया। स्व. कोचर ने अकाल के समय राजस्थान रिलीफ सोसायटी का गठन कर किसानों व ग्रामीणों के लिए तन-मन-धन से कार्य किया। यही कारण है कि वे जनमानस में आज भी लोकप्रिय हैं समारोह में विशिष्ट अतिथि रायससिंहनगर विधायक सोहन नायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्व. कोचर के संस्कारों की ही देन है कि उनके पुत्र वल्लभ कोचर को भी रायसिंहनगर में भाईजी के रूप में पहचान मिली है।
समारोह में साहित्यिक क्षेत्र में आचार्य देवेन्द्र देव को सम्मानित किया गया। आचार्य देवेन्द्र देव को 21 हजार रुपए नगद राशि, शॉल, साफा, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। श्रद्धा महनोत एवं याशिका कोचर ने आचार्य देवेन्द्र देव का तिलक कर अभिनंदन किया। पुरस्कार समिति के जानकीनारायण श्रीमाली ने आचार्य देवेन्द्र देव की साहित्यिक यात्रा के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन सरोज कोचर, जितेन्द्र कोचर व सुमित कोचर ने किया।
