

अनगिनत अंबाएँ नाट्य कृति का लोकार्पण 26 मार्च को
बीकानेर। राजस्थानी साहित्यकार कमल रंगा की नाट्य कृति ‘अंलेखू अंबा’ जो कि साहित्य अकादेमी नई दिल्ली के राष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत है। इस कृति का हिन्दी अनुवाद अनुवादक मालचंद तिवाड़ी द्वारा किया गया है। प्रज्ञालय संस्थान के राजेश रंगा ने बताया कि हिन्दी में अनूदित कृति ‘अनगिनत अंबाएँ’ को साहित्य अकादेमी नई दिल्ली द्वारा हाल ही में प्रकाशित किया गया है। इसी कृति का लोकार्पण 26 मार्च को सुदर्शन कला दीर्घा नागरी भण्डार में होगा।
