

पर्यावरण की समझ विकसित करना आवश्यक
बीकानेर। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादुल बीकानेर के डॉ. कलाम सभागार में शनिवार को हरित विद्यालय गतिविधियों के अंतर्गत विशेषज्ञ वार्ता का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत शिक्षाविद एवम प्रधानाचार्य गोमाराम जीनगर के द्वारा भारतीय जीवन शैली और परम्पराओं में पर्यावरण संरक्षण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। व्याख्यान देते हुए गोमाराम नें कहा कि घर परिवार में पेड़ पौधों और पर्यावरण की समझ विकसित करनी आवश्यक है। अगर हम नहीं संभले तो मानवता संकट में आ सकती है। हमारी पारंपरिक जीवन शैली तुलसी-पीपल-आंवला आदि के माध्यम से हर घर-मोहल्ले में पर्यावरण संरक्षण करना सिखाती है। भारतीय परम्पराओं में चींटी से लेकर चिड़िया तक सभी के लिए भोजन-जीवन का अस्तित्व है क्योंकि पर्यावरण का अस्तित्व सभी जीवों के सामूहिक अस्तित्व से जुड़ा हुआ है। उन्होने कहा कि परिवार और कुटुंब को आपसी चर्चा और चिंतन करके नियमित रूप से पर्यावरण और सामाजिक विकास के लिए सामूहिक ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए। मुख्य अतिथि राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के सहायक कुलसचिव राजेश कुमार व्यास थे। व्यास नें युवाओं द्वारा राष्ट्र और समाज के लिए अपने योगदान को पर्यावरण और नैतिकता के लिए संजोने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि विद्यालय के विद्यार्थी ही देश का आने वाला भविष्य है, अगर आज विद्यार्थी समाज और पर्यावरण के उत्थान के लिए संकल्पित होते हैं तो ये देश के लिए गौरवमय होगा। प्रधानाचार्य यशपाल पंवार ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय की गतिविधियां अन्य विद्यालयों के लिए लाइट हाउस का कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। वार्ता कार्यक्रम के प्रभारी पवन कुमार मित्तल नें सभी का आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन सुभाष जोशी के द्वारा किया गया।
